🌿 सहजन: केवल सब्जी नहीं, प्रकृति का बहुउपयोगी वरदान
🌿 सहजन: केवल सब्जी नहीं, प्रकृति का बहुउपयोगी वरदान सहजन की फली, पत्तियां, फूल, बीज और अन्य भागों के पारंपरिक उपयोग, पोषण, आयुर्वेदिक दृष्टिकोण और स्वस्थ जीवनशैली 🌿 जिस पौधे को हम अक्सर साधारण सब्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, वही सहजन हमारे पारंपरिक ज्ञान में लंबे समय से विशेष महत्व रखता आया है। सहजन हमारे देश के अनेक हिस्सों में आसानी से मिलने वाला पौधा है। इसकी फलियां सब्जी के रूप में खाई जाती हैं और इसकी पत्तियों का भी भोजन में उपयोग किया जाता है। आयुर्वेदिक परंपरा में इसे शिग्रु कहा गया है। आपके द्वारा साझा की गई पत्रिका के दोनों पृष्ठों में सहजन के विभिन्न भागों के अनेक पारंपरिक उपयोगों का वर्णन किया गया है। इनमें पाचन, सर्दी-जुकाम, श्वास, सिरदर्द, आंख, कान, दांत, आवाज बैठना, पेट संबंधी परेशानी, शारीरिक कमजोरी तथा जोड़ों से संबंधित समस्याओं में इसके उपयोग का उल्लेख है। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना आवश्यक है— पारंपरिक उपयोग और आधुनिक वैज्ञानिक रूप से सिद्ध उपचार एक ही बात नहीं हैं। आधुनिक शोध में सहजन में अनेक पोषक तत्व और जैव-सक्रिय घटक पाए गए हैं तथा इसके ...